Sunday, August 22, 2010

हांडेतर गाव का परिचय





हांडेतर गाव परम तपस्वी साधू महात्माओ की भूमि है । हाडेतर राजस्थान के जालौर जिला की सांचौर तहसील में आया हुआ है । गाव हाडेतर सांचौर शहर से सात किलोमीटर दूर आया हुआ है । इस गाव में कई जाती के लोग रहते है जेसे राजपूत , चोधरी , देवासी , भील ,मेगवाल , परोहित , आदि जाती के। इस गाव् में अधिकतर लोग खेती करते है । यहा पर बाजरी, सरसों, जीरा, इसब्घोल , की खेती की जाती है । इस गाव में सोलंकी ठाकुर भीमसिंह के घर परम तपस्वी गुरु लहरदास्जी महाराज का जन्म हुआ था । गुरु लहरदास्जी महाराज परम तपस्वी व् ब्रह्मसारी महात्मा थे । इस वज से यह गाव पूरी तहसील में प्रसिद है

श्री श्री १००८ परम हंच सतगुरु लहरदासजी महाराज के फोटो

परम दयालु गुरुवर लहरदासजी महाराज की
आज से करीब ३० साल पूरानी तस्वीर ये तस्वीर आपके
तपस्या कल के दोरान किसी भगत ने बनवाही थी



















यह मूर्ति हजारो सालो पूरानी है जो अभी परम
धाम हाडेतर के गुरु लहरदासजी महाराज के मंदिर
में स्थापित है ।














श्री श्री १००८ परम हंच सतगुरु लहरदासजी

















तपोभूमि हाडेतर में गुरु मंदिर का एक नज़ारा












सतगुरु
देव लहरदासजी महाराज का पार्थिव शरीर

तपोकल की तस्वीर

सांचौर प्रधान प्रतापसिंह गुन्दाऊ





सांचौर प्रधान प्रतापसिंह गुन्दाऊ

हरकेशदाशजी महाराज





गुरु वर लहर दासजी महाराज के चेले हरकेशदाशजी महाराज

Wednesday, April 28, 2010

Hadetar

श्री श्री १००८ परमहंश सतगुरु लहरदास्जी महाराज


हाडेतर गाव जालोर जिले के सांचौर तहसील में आया हुआ है .
हाडेतर गाव सांचौर से 7 किलोमीटर . दूर है .
इस गाव में 2500 लोग रहते है . यहा बहुत सांत व् सुंदर वातावरण है .
हाडेतर सुर्वीरो व् तपसीयो की धरा है .
इस गाव में लगभग 15 मंदिर है .
इस गाव में सोलंकी राजपूत ठाकुर भीमसिंह के घर परम तपस्वी गुरु लहरदास्जी महाराज का जन्म हुआ था . गुरु लहरदास्जी महाराज परम तपस्वी व् ब्रह्मसारी महात्मा थे ! उन्होंने कई सालो तक कठोर तपस्या की थी !
गुरु लहरदास्जी महाराज का बहुत बड़ा मंदिर हाडेतर गाव में है . जहा हजारो लोग हरियाणा से और आस पास गावो से आते है . हर जन्मास्थ्मी के दिन यहा विशाल मेला लगता है
इस पवित्र मंदिर में हर अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मेला लगता है .
इस गाव में जहदा तर लोग खेतो में रहते है । इस गाव में राजपूत , चोधरी , देवासी , भील ,मेगवाल , परोहित , आदि जाती के लोग रहते है ! इस गाव में बाजरी, सरसों, जीरा, इसब्घोल , की खेती की जाती है


यहा पर माध्यमिक विद्यालय है !और दो निजी विद्यालय है !