श्री श्री १००८ परमहंश सतगुरु लहरदास्जी महाराज
हाडेतर गाव जालोर जिले के सांचौर तहसील में आया हुआ है .
हाडेतर गाव सांचौर से 7 किलोमीटर . दूर है .
इस गाव में 2500 लोग रहते है . यहा बहुत सांत व् सुंदर वातावरण है .
हाडेतर सुर्वीरो व् तपसीयो की धरा है .
इस गाव में लगभग 15 मंदिर है .
इस गाव में सोलंकी राजपूत ठाकुर भीमसिंह के घर परम तपस्वी गुरु लहरदास्जी महाराज का जन्म हुआ था . गुरु लहरदास्जी महाराज परम तपस्वी व् ब्रह्मसारी महात्मा थे ! उन्होंने कई सालो तक कठोर तपस्या की थी !
गुरु लहरदास्जी महाराज का बहुत बड़ा मंदिर हाडेतर गाव में है . जहा हजारो लोग हरियाणा से और आस पास गावो से आते है . हर जन्मास्थ्मी के दिन यहा विशाल मेला लगता है
इस पवित्र मंदिर में हर अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मेला लगता है .
इस गाव में जहदा तर लोग खेतो में रहते है । इस गाव में राजपूत , चोधरी , देवासी , भील ,मेगवाल , परोहित , आदि जाती के लोग रहते है ! इस गाव में बाजरी, सरसों, जीरा, इसब्घोल , की खेती की जाती है
हाडेतर गाव सांचौर से 7 किलोमीटर . दूर है .
इस गाव में 2500 लोग रहते है . यहा बहुत सांत व् सुंदर वातावरण है .
हाडेतर सुर्वीरो व् तपसीयो की धरा है .
इस गाव में लगभग 15 मंदिर है .
इस गाव में सोलंकी राजपूत ठाकुर भीमसिंह के घर परम तपस्वी गुरु लहरदास्जी महाराज का जन्म हुआ था . गुरु लहरदास्जी महाराज परम तपस्वी व् ब्रह्मसारी महात्मा थे ! उन्होंने कई सालो तक कठोर तपस्या की थी !
गुरु लहरदास्जी महाराज का बहुत बड़ा मंदिर हाडेतर गाव में है . जहा हजारो लोग हरियाणा से और आस पास गावो से आते है . हर जन्मास्थ्मी के दिन यहा विशाल मेला लगता है
इस पवित्र मंदिर में हर अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मेला लगता है .
इस गाव में जहदा तर लोग खेतो में रहते है । इस गाव में राजपूत , चोधरी , देवासी , भील ,मेगवाल , परोहित , आदि जाती के लोग रहते है ! इस गाव में बाजरी, सरसों, जीरा, इसब्घोल , की खेती की जाती है
यहा पर माध्यमिक विद्यालय है !और दो निजी विद्यालय है !
No comments:
Post a Comment